खुलासा! आधार सिस्टम को किया जा रहा था बायपास, क्लोन फिंगरप्रिंट से बन रहे थे फर्जी आधार कार्ड
📰 आधार सिस्टम में सेंधमारी: क्लोन फिंगरप्रिंट से फर्जीवाड़ा, आरा ब्लॉक की मशीन का दुरुपयोग, 2 गिरफ्तार
भोजपुर (आरा), 27 अप्रैल 2026: भोजपुर पुलिस की साइबर टीम ने आधार सिस्टम में सेंधमारी कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने और उसमें अवैध संशोधन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी आरा ब्लॉक स्थित अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र की मशीन/आईडी का दुरुपयोग कर रहे थे।
🔍 शिकायत से हुआ खुलासा
यह मामला 25 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र संचालक धीरज कुमार महतो (पिता– रविभूषण सिंह, निवासी– सरैया, थाना– कृष्णगढ़, जिला– भोजपुर) ने साइबर थाना में लिखित शिकायत दी।
उन्होंने बताया कि उनकी Operator ID: RRDM_BHJ_NS91885 को हैक कर लिया गया है। साथ ही उनके बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) डेटा का भी गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरा ब्लॉक के उनके आधार केंद्र की मशीन/एक्सेस का उपयोग कर पूरे बिहार में अवैध तरीके से आधार पंजीकरण और संशोधन किया जा रहा है।
🛠️ फर्जीवाड़े का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकृत आधार केंद्रों के
Station ID, User Name और Password का दुरुपयोग कर रहे थे। इसके अलावा वे Cloned Fingerprint (क्लोन फिंगरप्रिंट) का इस्तेमाल कर आधार सिस्टम के सुरक्षा मानकों को बायपास कर रहे थे।
इस तकनीक के जरिए आरोपी:
- फर्जी आधार कार्ड बना रहे थे
- पहले से बने आधार में अवैध संशोधन कर रहे थे
- आरा ब्लॉक की मशीन/आईडी के जरिए सिस्टम एक्सेस कर रहे थे
👮♂️ विशेष टीम का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना भोजपुर की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व स्नेह सेतु (DSP) ने किया। तकनीकी विश्लेषण और मानव सूचना के आधार पर टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
🚔 गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- मो. फूलहसन (पिता– मो. नसीरुद्दीन, निवासी– गयारी, थाना– बिरौल, जिला– दरभंगा)
- संजय कुमार सिंह उर्फ रिटू सिंह (पिता– रामदीप सिंह, निवासी– रजेया, थाना– पीरो, जिला– भोजपुर)
दोनों आरोपी इस फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से शामिल थे और तकनीकी साधनों की मदद से आधार सिस्टम को बायपास कर रहे थे।
💻 बरामद उपकरण
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया:
- 3 लैपटॉप
- 1 आईरिस मशीन
- 3 क्लोन फिंगरप्रिंट
- 1 बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन
इन उपकरणों का इस्तेमाल कर आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनाने और डेटा में छेड़छाड़ कर रहे थे।
⚖️ कानूनी कार्रवाई
इस मामले में भोजपुर साइबर थाना में कांड संख्या 30/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है:
- BNS की धारा 318(4), 319(2), 316(2)
- IT Act 2000 की धारा 66(C) और 66(D)
- आधार एक्ट की धारा 37, 40 और 41
🌐 आगे की जांच जारी
पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
📢 पुलिस की अपील
भोजपुर पुलिस ने आधार केंद्र संचालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने Login ID, Password और Biometrics डेटा को सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
🧠 निष्कर्ष
आरा ब्लॉक के आधार केंद्र की मशीन/आईडी के दुरुपयोग से चल रहे इस साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ होना पुलिस की बड़ी सफलता है। यह मामला बताता है कि डिजिटल सिस्टम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध को जन्म दे सकती है। इसलिए सभी को साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
भोजपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति, जिसमें आधार सिस्टम से जुड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया गया। (Source: Bhojpur Police X Account)
